Jharkhand High Court: झारखंड में पुलिस थानों की निगरानी व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं. रांची जिले के कई थानों में अब तक CCTV कैमरे नहीं लगाए गए हैं. वहीं, सार्वजनिक जगहों पर लगे कैमरे चालू हैं या नहीं, इसकी जानकारी भी मांगी गई है. डोरंडा थाने में एक नाबालिग के साथ मारपीट के मामले की सुनवाई के दौरान यह मुद्दा उठा. अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे थानों में कैमरे लगाने की स्पष्ट समय-सीमा बताएं.
रांची के 54 थानों में से सिर्फ 22 में कैमरे
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से रांची जिले में CCTV कैमरों की स्थिति की जानकारी दी गई. इसके मुताबिक, जिले में कुल 164 CCTV उपकरण लगाए गए हैं. शहरी क्षेत्र के 25 थानों में से 17 में कैमरे लगे हैं. वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के 29 थानों में से केवल पांच थानों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं. इस तरह रांची के कुल 54 थानों में से 22 में कैमरे लगे हैं. बाकी 32 थानों में कैमरे लगाने की जरूरत है.
कई महत्वपूर्ण थानों में भी कैमरे नहीं
जानकारी के अनुसार, पंडरा ओपी, हिंदपीढ़ी थाना, विधानसभा थाना और एयरपोर्ट थाना समेत कई पुलिस इकाइयों में अब तक CCTV कैमरे नहीं लगाए गए हैं. हाईकोर्ट ने इस स्थिति पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है. अदालत का कहना है कि थानों में निगरानी व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी है.
अपराध की जांच में मिल सकते हैं अहम सबूत
थानों में CCTV कैमरे होने से हिरासत के दौरान होने वाली घटनाओं की जांच में मदद मिल सकती है. थाने में आने-जाने वाले लोगों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से जुड़े दृश्य भी महत्वपूर्ण सबूत बन सकते हैं. कैमरे नहीं होने या खराब रहने पर किसी घटना की जांच में परेशानी हो सकती है.
सड़क दुर्घटनाओं में भी मददगार CCTV
हाईकोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर कैमरों की जरूरत पर भी जोर दिया. सड़क दुर्घटना के बाद CCTV फुटेज से संबंधित वाहन की पहचान करने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा, किसी आपराधिक घटना के बाद संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने में भी कैमरे उपयोगी साबित होते हैं. अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी व्यवस्था का प्रभावी होना जरूरी है. कैमरे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उनका चालू रहना भी जरूरी है.
SSP, गृह सचिव और DGP से मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), राज्य के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि वे थानों में CCTV कैमरे लगाने की समय-सीमा बताएं. अधिकारियों को रांची के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी देनी होगी. उन्हें बताना होगा कि कैमरे चालू हैं या नहीं और निगरानी व्यवस्था किस स्थिति में है. अभी कैमरे लगाने की कोई अंतिम तारीख तय होने की जानकारी नहीं है. अधिकारियों को इस संबंध में अदालत में समय-सीमा पेश करनी है.
30 अक्टूबर को अगली सुनवाई
डोरंडा थाने में नाबालिग के साथ मारपीट के मामले से शुरू हुई सुनवाई में अब पुलिस थानों और सार्वजनिक स्थलों की CCTV व्यवस्था भी अहम मुद्दा बन गई है. मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी. इस दौरान अधिकारियों को कैमरे लगाने की समय-सीमा और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की स्थिति की जानकारी देनी है.


