MNREGA Name Row: जमशेदपुर में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के फैसले के विरोध में पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। इसी क्रम में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने साकची स्थित अम्बेडकर चौक के समक्ष एक दिवसीय उपवास सह धरना दिया, जहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपवास के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को जनविरोधी बताते हुए नारेबाजी की और मनरेगा के नाम में बदलाव के निर्णय को वापस लेने की मांग की। अम्बेडकर चौक पर कांग्रेस के झंडों और तख्तियों के साथ प्रदर्शन कर पार्टी ने अपना विरोध सार्वजनिक रूप से दर्ज कराया।
धरना स्थल पर मौजूद जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर केंद्र सरकार महात्मा गांधी की ऐतिहासिक छवि और उनके विचारों को मिटाने का प्रयास कर रही है। परविंदर सिंह के अनुसार, यह फैसला न केवल राष्ट्रपिता के सम्मान से जुड़ा है, बल्कि ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर भी सीधा आघात है।
जिला अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा में 60–40 का फंडिंग अनुपात लागू कर राज्य सरकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति प्रभावित होगी और इसका सीधा असर ग्रामीण रोजगार और मजदूरों को मिलने वाले काम पर पड़ेगा।
परविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और केंद्र सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मनरेगा के नाम में किया गया बदलाव वापस नहीं लिया जाता और राज्यों पर डाले गए अतिरिक्त बोझ को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।


