New Year Devotion: नव वर्ष 2026 का आगमन जमशेदपुर में पूरी श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के साथ मनाया गया। वर्ष के पहले दिन शहर के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भगवान की आराधना में लीन नजर आई। लोगों ने नए साल की शुरुआत सुख-समृद्धि और शांति की कामना के साथ पूजा-अर्चना कर की।
इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग–33 पर स्थित पारडीह काली मंदिर में आस्था का विशेष दृश्य देखने को मिला। नव वर्ष के पहले दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां काली के दरबार में मत्था टेककर नए वर्ष के लिए मंगल कामनाएं कीं। उल्लेखनीय उल्लेख यह भी है कि इसी दिन पारडीह काली मंदिर का स्थापना दिवस भी मनाया गया, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया।
मंदिर के स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में साधु-संतों के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत के बीच विधिवत पूजा संपन्न कराई गई। पूरा मंदिर परिसर जयकारों और आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंजता रहा।
पूजा-अर्चना के उपरांत मंदिर परिसर में भव्य महा भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान सेवा और समर्पण की भावना साफ तौर पर देखने को मिली, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।
मौके पर उपस्थित जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत विद्यानंद सरस्वती ने कहा कि वर्ष के प्रथम दिन मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़ यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी भी अब अपनी संस्कृति और परंपराओं की ओर लौट रही है। उन्होंने इसे समाज के लिए सकारात्मक संकेत बताया और ऐसे आयोजनों को सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला बताया।


