Shaheedi Dihaada Jamshedpur: शहीदी दिहाड़ा श्रद्धा से आरंभ‚ जमशेदपुर में दो दिवसीय आयोजन

Shaheedi Dihaada Jamshedpur: जमशेदपुर में आज से दो दिवसीय शहीदी दिहाड़ा का आयोजन आरंभ हो गया है, जिसमें सिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह और उनके चार साहिबजादों की शहादत को श्रद्धा और सम्मान के साथ नमन किया जा रहा है। यह आयोजन रंगरेटा महासभा के तत्वावधान में किया जा रहा

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Shaheedi Dihaada Jamshedpur: जमशेदपुर में आज से दो दिवसीय शहीदी दिहाड़ा का आयोजन आरंभ हो गया है, जिसमें सिरोमणि शहीद बाबा जीवन सिंह और उनके चार साहिबजादों की शहादत को श्रद्धा और सम्मान के साथ नमन किया जा रहा है। यह आयोजन रंगरेटा महासभा के तत्वावधान में किया जा रहा है, जहां संगत सिख इतिहास की गौरवशाली परंपरा और बलिदान को स्मरण कर रही है।

शहीदी दिहाड़ा के अवसर पर सिख इतिहास से जुड़े प्रसंगों और शहीदों के अद्वितीय बलिदान की गाथाओं को संगत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान गुरु साहिब की जीवनी, उनके आदर्शों और धर्म व मानवता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को विस्तार से याद किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में आस्था और गौरव की भावना और प्रबल हुई।

आयोजकों ने बताया कि बीते सात वर्षों से यह शहीदी दिहाड़ा लगातार जमशेदपुर के एग्रीको ट्रांसपोर्ट मैदान में आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित रूप देने की तैयारी की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बन सकें।

इस वर्ष के आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रसिद्ध कीर्तन जत्थे, कथावाचक, ताड़ी जत्थे और सिख इतिहासकार शामिल हो रहे हैं। उनके द्वारा गुरबाणी कीर्तन, कथा वाचन और इतिहास से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से संगत को सिख धर्म की मूल शिक्षाओं और शौर्य गाथाओं से जोड़ा जा रहा है।

दो दिवसीय इस शहीदी दिहाड़ा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता देखी जा रही है। श्रद्धा, सेवा और शौर्य की भावना के साथ संगत शहीदों को नमन कर रही है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन नई पीढ़ी को सिख इतिहास और बलिदान की परंपरा से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

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