Advanced Farming: जमशेदपुर से सटे पूर्वी सिंहभूम के कृषि बहुल इलाकों में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है। देश जहां डिजिटल और तकनीकी विकास की ओर निरंतर कदम बढ़ा रहा है, वहीं यहां के किसान भी अब आधुनिक उपकरणों और सरकारी योजनाओं की मदद से खेती को नए आयाम दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका असर अब साफ दिखने लगा है। खेतों में सिंचाई से लेकर मशीनों के संचालन तक, सोलर सिस्टम किसानों की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। किसानों का कहना है कि अब बिजली बिल का बोझ नहीं है और पानी की उपलब्धता भी लगातार बनी रहती है, जिससे फसल उत्पादन में सुधार हुआ है।
पूर्वी सिंहभूम के किसानों ने विभिन्न कृषि मशीनों का उपयोग शुरू कर दिया है, जिससे खेतों की तैयारी, बुआई और कटाई में समय व श्रम दोनों की बचत हो रही है। किसानों का कहना है कि पहले जहां काफी मजदूर रखना पड़ते थे, अब सोलर-संचालित उपकरण और नई मशीनें काम को आसान बना रही हैं। इससे लागत घटने के साथ-साथ पैदावार भी बढ़ रही है।
किसानों का मानना है कि तकनीक के आने से कृषि अब अधिक लाभकारी और सुरक्षित होती जा रही है। आधुनिक सिस्टम के चलते खेती के पुराने तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। गांवों में खेती धीरे-धीरे डिजिटल और ऊर्जा-कुशल मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिससे किसान आत्मनिर्भर बनते जा रहे हैं।
पूर्वी सिंहभूम की उन्नत खेती न केवल जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति सुधार रही है, बल्कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कृषि नवाचार का मॉडल बन सकता है। कम लागत, उच्च उत्पादन और ऊर्जा-संचालित तकनीक के सहारे यहां की खेती नई दिशा में आगे बढ़ रही है।


