Xavier English School: विद्यालय में ध्यान सत्र आयोजित‚ छात्रों ने उत्साह से लिया भाग

Xavier English School: जमशेदपुर के किथडीहा, बागबेड़ा के पास स्थित Xavier English School में छात्रों के मानसिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष ध्यान एवं आत्म-सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अनुशासन

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Xavier English School: जमशेदपुर के किथडीहा, बागबेड़ा के पास स्थित Xavier English School में छात्रों के मानसिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष ध्यान एवं आत्म-सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अनुशासन और उत्साह के साथ भाग लिया।

सुबह के सौम्य वातावरण में खुले मैदान में चटाइयाँ बिछाई गईं, जहाँ छात्र ध्यान मुद्रा में एकाग्र होकर बैठ गए। वातावरण में शांति, सकारात्मकता और हल्की हवा की ताजगी ने पूरे मैदान को ऊर्जा से भर दिया। पक्षियों की मधुर आवाज़ें छात्रों को और भी आंतरिक शांति प्रदान कर रही थीं।

कार्यक्रम के दौरान एक अनुभवी प्रशिक्षक ने माइक्रोफोन के माध्यम से विद्यार्थियों को सही ध्यान पद्धति का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 5 से 10 मिनट का ध्यान मन को शांत करने, तनाव कम करने और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी होता है। प्रशिक्षक ने छात्रों को सिखाया कि नियमित ध्यान न केवल मानसिक मजबूती बढ़ाता है, बल्कि विचारों को संतुलित करने में भी सहायक होता है।

सत्र में सकारात्मक Self-Talk की अवधारणा पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षक ने बताया कि स्वयं से सकारात्मक बातें कहना और उन्हें मन में बार-बार दोहराना आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है। उन्होंने कुछ प्रेरणादायक वाक्य भी साझा किए—“आज मैं कुछ नया सीखूँगा।”“मैं शांत, मजबूत और आत्मविश्वासी हूँ।”साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि दर्पण के सामने खड़े होकर खुद से सकारात्मक बातें कहना व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक प्रभावी अभ्यास है।

इसके बाद प्रशिक्षक ने छात्रों को पद्मासन और सुखासन की शुद्ध बैठने की विधि कराई। कुछ ही क्षणों में पूरा मैदान गहरे ध्यान की स्थिति में डूब गया। छात्रों के चेहरे पर सुकून, ऊर्जा और आत्मविश्वास का अद्भुत मिश्रण दिखाई दे रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर विद्यार्थी अपनी आंतरिक शक्ति को महसूस कर रहा हो।

विद्यालय की दीवार पर लिखी प्रेरणादायक पंक्ति—“IT ALWAYS SEEMS IMPOSSIBLE UNTIL IT’S DONE”—ने इस सत्र को और भी प्रेरक और जोशपूर्ण बना दिया।

यह आयोजन सिर्फ ध्यान तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम ने छात्रों को अनुशासन, आत्म-नियंत्रण, सकारात्मक सोच और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। इस सत्र से बच्चों को तनाव कम करने, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने और भविष्य की ओर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की उपयोगी प्रेरणा मिली।

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