Chhau Revival: राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला की खरसावां शाखा को पुनः शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। खरसावां आदिवासी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता विधायक दशरथ गागराई ने की और इसमें बड़ी संख्या में कलाकार शामिल हुए।
विधायक ने दिया आश्वासन
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि छऊ कला हमारे जिले की सांस्कृतिक धरोहर है। किसी भी क्षेत्र की पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और कला से होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खरसावां शैली की छऊ को विकसित और संरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
संचालन समिति गठित होगी
विधायक ने घोषणा की कि शीघ्र ही एक संचालन समिति का गठन किया जाएगा। इसमें सरायकेला, खरसावां और मानभूम शैली के कलाकार शामिल होंगे। यह प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्य के संबंधित मंत्री और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा ताकि तीनों केंद्रों को पुनः संचालित करने की पहल तेज हो सके।
राजघराने और कलाकारों की मौजूदगी
इस अवसर पर खरसावां राजघराने की रानी अपराजिता देवी, विधायक पत्नी बसंती गागराई, सरायकेला आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज चौधरी, अध्यक्ष भोला मोहंती, सचिव सुदीप कवि और अनूप सिंहदेव ने भी संबोधित किया। सभी ने छऊ कला के संरक्षण और संवर्धन पर बल दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और सहभागिता
बैठक के दौरान कलाकारों ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर छऊ की झलक दिखाई। कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू कॉलेज के पूर्व प्राचार्य नागेश्वर प्रधान, समाजसेवी दिलीप प्रधान, पिनाकी रंजन समेत वरीय कलाकार कमल कृष्णा साहू, बसंत कुमार गणतयात, सुदीप कुमार घोड़ेई, कमल महतो, बृजमोहन लोहार, कांतो मछुआ, दुलाल कालिंदी, सूरज हेंब्रम, मनोज सोय, लखींद्र नायक, मोहम्मद रमजान, लक्ष्मण बान सिंह, गोमिया गागराई सहित करीब 45 कलाकार शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद दिलदार ने किया।


